उप-राष्ट्रपति चुनाव: उद्धव ठाकरे ने किया रेड्डी का समर्थन, फोन करेंगे फड़णवीस को

उप-राष्ट्रपति चुनाव: उद्धव ठाकरे ने किया रेड्डी का समर्थन, फोन करेंगे फड़णवीस को

मई, 12 2026

मumbai की राजनीतिक हवाओं में एक नया तूफान आने वाला है। शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार, 29 अगस्त को अपने निवास पर विपक्षी इंडिया गठबंधन के उप-राष्ट्रपति उम्मीदवार से मुलाकात कर इस बात को साबित कर दिया कि यह सवाल सिर्फ महाराष्ट्र तक सीमित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस को फोन करेंगे और उनसे विपक्षी उम्मीदवार का समर्थन करने की अपील करेंगे।

इस मुलाकात का सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब ठाकरे ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सांसदों को भी चुनौती दी। उन्होंने कहा, "एनडीए के वे सांसद जिनके दिल में देश के प्रति प्यार है, वे बी. सुदर्शन रेड्डी को वोट दे सकते हैं। चमत्कार कुछ भी हो सकता है।" यह बयान उस समय आया जब सैद्धांतिक रूप से एनडीए के पास संख्याबल का बढ़त मानी जा रही थी। लेकिन ठाकरे का दावा है कि अगर भावनाएं और देशभक्ति को प्राथमिकता दी जाए, तो परिणाम अलग हो सकते हैं।

मुंबई में हुई ऐतिहासिक मुलाकात

शुक्रवार की दोपहर, मुंबई में स्थित उद्धव ठाकरे के निवास पर जो हुआ, वह महज एक सामान्य बैठक नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी, जो विपक्षी इंडिया गठबंधन के टिकट पर लड़ रहे हैं, ने ठाकरे से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। इस बैठक का उद्देश्य स्पष्ट था: महाराष्ट्र के राजनीतिक दलों, विशेष रूप से भाजपा और शिवसेना (एकता) के नेताओं को विपक्षी उम्मीदवार के पक्ष में लाना।

उद्धव ठाकरे ने इस अवसर पर अपनी रणनीति को स्पष्ट करते हुए कहा, "आज मैं मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस को फोन करूंगा कि वे रेड्डी साहब का समर्थन दें।" यह कदम दिखाता है कि कैसे महाराष्ट्र की राजनीति अब केंद्रीय स्तर के चुनावों को प्रभावित करने की क्षमता रखती है। ठाकरे का मानना है कि राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं यदि नेताઓ अपनी पार्टी लाइन से ऊपर उठकर सोचें।

चुनाव का पृष्ठभूमि और कारण

इस उप-राष्ट्रपति चुनाव की आवश्यकता तब उत्पन्न हुई जब भारत के पूर्व उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को अचानक इस्तीफा दे दिया। स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए धनखड़ के इस्तीफे ने राजनीतिक घटनाक्रम को तेज कर दिया। इसके बाद चुनाव आयोग ने नोटिफिकेशन जारी किया और 9 सितंबर को मतदान की तिथि तय की गई।

इस चुनाव में दो नाम आमने-सामने हैं। एक तरफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और एनडीए गठबंधन द्वारा प्रत्याशी घोषित सी.पी. राधाकृष्णन हैं, और दूसरी तरफ विपक्षी इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी। सैद्धांतिक गणनाओं के अनुसार, सी.पी. राधाकृष्णन के जीतने की संभावना अधिक मानी जा रही थी, लेकिन उद्धव ठाकरे के 'चमत्कार' वाले बयान ने इस समीकरण में अनिश्चितता डाल दी है।

'चमत्कार' की संभावना क्या है?

उद्धव ठाकरे के बयान में 'चमत्कार' शब्द का प्रयोग बहुत ही रचनात्मक है। राजनीतिज्ञों के बीच यह माना जाता है कि उप-राष्ट्रपति चुनाव में मतदाता आधार नहीं, बल्कि विधानसभा और लोकसभा के सदस्यों के वोट मायने रखते हैं। यदि एनडीए के कुछ बड़े ब्लॉक, जैसे कि तेलंगाना या अन्य क्षेत्रीय पार्टियां, विपक्षी उम्मीदवार का समर्थन करती हैं, तो परिणाम बदल सकता है।

ठाकरे ने जोर देकर कहा कि विपक्षी गठबंधन (इंडिया) कड़ी टक्कर देने के लिए एकजुट हो रहा है। उनका तर्क है कि उप-राष्ट्रपति का पद देश के लिए एक प्रतीकात्मक महत्व रखता है, और इसलिए इसे राजनीतिक गणित से ऊपर उठाकर देखना चाहिए। हालांकि, यह देखना दिलचस्प होगा कि देवेंद्र फड़णवीस इस फोन कॉल पर कैसे प्रतिक्रिया करते हैं और क्या वे वास्तव में अपनी पार्टी के निर्देशों से हटकर कोई कदम उठाते हैं।

आगे क्या होगा?

आगे क्या होगा?

अगले कुछ दिनों में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने वाली हैं। 9 सितंबर को मतदान निर्धारित है, जिसका मतलब है कि दोनों पक्षों को अपने-अपने समर्थकों को मजबूत करने के लिए अंतिम प्रयास करने होंगे। उद्धव ठाकरे की पहल से यह स्पष्ट होता है कि महाराष्ट्र की राजनीति अब केंद्रीय राजनीति के खेल में एक प्रमुख भूमिका निभा रही है।

विश्लेषकों का कहना है कि यदि एनडीए के अंदर से कोई भी बड़ा खंडहर नहीं होता है, तो सी.पी. राधाकृष्णन की जीत लगभग निश्चित मानी जा सकती है। लेकिन राजनीति में 'निश्चित' शब्द का प्रयोग करना हमेशा जोखिम भरा होता है। उद्धव ठाकरे की इस कूटनीतिक पहल ने खेल को फिर से रोचक बना दिया है।

Frequently Asked Questions

उप-राष्ट्रपति चुनाव में कौन-कौन से उम्मीदवार हैं?

इस चुनाव में एनडीए गठबंधन के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन और विपक्षी इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी, आमने-सामने हैं।

उद्धव ठाकरे ने देवेंद्र फड़णवीस को क्यों फोन करने की बात कही?

उद्धव ठाकरे ने घोषणा की है कि वे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस को फोन करके बी. सुदर्शन रेड्डी का समर्थन करने की अपील करेंगे। उनका मानना है कि राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं और 'चमत्कार' संभव है।

उप-राष्ट्रपति चुनाव का मतदान कब होगा?

चुनाव आयोग के अनुसार, उप-राष्ट्रपति पद के लिए मतदान 9 सितंबर को निर्धारित है। यह तारीख पूर्व उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के 21 जुलाई को इस्तीफे देने के बाद तय की गई थी।

क्या एनडीए के सांसद विपक्षी उम्मीदवार को वोट दे सकते हैं?

उद्धव ठाकरे ने एनडीए के सांसदों से अपील की है कि यदि उन्हें देश से प्यार है, तो वे बी. सुदर्शन रेड्डी को वोट दे सकते हैं। हालांकि, आमतौर पर पार्टियां अपने उम्मीदवारों को वोट देने का निर्देश देती हैं, लेकिन राजनीतिक स्थिति के अनुसार अपवाद संभव हैं।

बी. सुदर्शन रेड्डी कौन हैं?

बी. सुदर्शन रेड्डी भारत के सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश हैं। वे विपक्षी इंडिया गठबंधन द्वारा उप-राष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किए गए हैं। उनकी न्यायिक पृष्ठभूमि को विपक्ष ने अपनी ताकत के रूप में प्रस्तुत किया है।

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