भारतीय शेयर बाजार सोमवार, 3 जून 2024 को एक नए मुकाम पर पहुंच गया। बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी50 ने ऐतिहासिक ऊंचाइयों को छूते हुए एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया। सेंसेक्स 76,738.89 के स्तर तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी50 ने 23,338.70 के स्तर को पार कर लिया। यह उछाल उसी समय आया जब एक्जिट पोल्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार के निर्णायक जीत की भविष्यवाणी की, जिससे निवेशकों में उत्साह की लहर दौड़ गई।
ऐतिहासिक ऊंचाइयों पर सेंसेक्स और निफ्टी
सेंसेक्स और निफ्टी का यह नया रिकॉर्ड बाजार के लिए शुभ संकेत है। विशेष रूप से सेंसेक्स के 76,738.89 और निफ्टी50 के 23,338.70 तक पहुंचने से अनुमान लगाया जा सकता है कि निवेशकों का विश्वास भी बढ़ा है। एक्जिट पोल्स में नेशनल डेमोक्रेटिक एलायंस (एनडीए) के 370 सीटें हासिल करने की संभाव्यता जताई गई है, जिसमें केवल बीजेपी के लगभग 325 सीटें होने का अनुमान है। एनालिस्टों के अनुसार, यह स्पष्ट जनादेश नीतिगत स्थिरता और निरंतरता लाएगा।
अल्पकालिक और दीर्घकालिक निवेशकों के लिए सलाह
जो निवेशक अल्पावधि के लिए बाजार में हैं, उनके लिए सलाह दी जाती है कि वे अपने 50% लाभ को बुक कर लें। ऐसे निवेशकों के लिए यह एक बेहतर रणनीति हो सकती है। दूसरी ओर, दीर्घकालिक निवेशक जो अगले 3-5 वर्षों में भारत की वृद्धि दर पर विश्वास रखते हैं, वे वित्त, उपभोग, औद्योगिक उत्पादन और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में निवेश कर सकते हैं।
विशेषज्ञों की राय के अनुसार, अभी के लिए 'वेट-एंड-वॉच' रणनीति का पालन करना उचित होगा। कुछ प्रमुख स्टॉक्स जैसे एसबीआई (SBI), बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda), आरईसी (REC), एनटीपीसी (NTPC), जेएसडब्ल्यू एनर्जी (JSW Energy), और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (Hindustan Aeronautics) को संभावित लाभकारी विकल्पों के रूप में देखा जा सकता है।
नीतिगत स्थिरता और निरंतरता
एक्जिट पोल्स के भविष्यवाणी के अनुसार नीतिगत स्थिरता संभव है, जिससे बाजार में स्थिरता आएगी। निवेशकों का ये विश्वास घरेलू और विदेशी मुद्राओं के लिए सकारात्मक संकेत हो सकता है। पूर्वानुमानित स्थिरता से निवेश को बढ़ावा मिलेगा और बाजार में उत्थान आ सकता है।
माना जा रहा है कि आने वाले समय में नीतिगत दिशा में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, जिसके कारण बाजार को लक्षित करने के लिए अधिक समय मिलेगा। निवेशकों को भी निश्चितता मिलेगी, जिससे उनके निवेश निर्णय अधिक स्पष्ट और दृढ़ होंगे।
उद्योगों में संभावनाएं
वित्तीय क्षेत्र में स्थिरता और वृद्धि दिखाई देगी क्योंकि बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं हमेशा से भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास का मूल रही हैं। उपभोग क्षेत्र में बढ़ोतरी अपेक्षित है क्योंकि ग्रामीण और शहरी दोनों बाजारों में मांग में वृद्धि हो सकती है। औद्योगिक क्षेत्र में निवेशकों के लिए कई नए अवसर खुल सकते हैं, विशेष रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर और उत्पादन इकाइयों में।
रियल एस्टेट क्षेत्र का दिलचस्प पहलू यह है कि इस क्षेत्र में सुधार की काफी गुंजाइश है। निवेशकों के लिए यह एक प्रमुख क्षेत्र हो सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जो लंबी अवधि के निवेश में रुचि रखते हैं।
सारांश
सेंसेक्स और निफ्टी की ऐतिहासिक ऊंचाइयों को छूने के साथ ही, निवेशकों को उत्पन्न हुए अवसरों का लाभ उठाना चाहिए। अल्पकालिक और दीर्घकालिक निवेशक अपनी रणनीतियों को पुनः मूल्यांकन करें और आवश्यकतानुसार लाभ बुक करें। अब समय है कि नीतिगत स्थिरता और विकास के इस अवसर का पूरा लाभ उठाया जाए और वित्तीय निर्णयों को सोच-समझकर लिया जाए। संभावित लाभ देखा जा सकता है, विशेषकर जब भारतीय बाजार में स्थिरता और निरंतरता बनी रहे।
Suman Sourav Prasad
जून 4, 2024 AT 13:14ये रिकॉर्ड तो बस एक नंबर है, लेकिन असली बात ये है कि आम आदमी के पास अभी भी शेयर बाजार में प्रवेश करने का मौका नहीं है।
Nupur Anand
जून 4, 2024 AT 19:06अरे भाई, ये सब बकवास है जो बीजेपी के फैंस बाजार में उत्साह बढ़ा रहे हैं! आपको पता है कि ये रिकॉर्ड किसके पैसे से बन रहे हैं? विदेशी फंड्स के जुगाड़ से! भारत की असली अर्थव्यवस्था तो गाँवों में फंसी हुई है, जहाँ एक गरीब आदमी को दो चप्पल खरीदने के लिए भी अपनी बीवी के नाक के नक्के बेचने पड़ते हैं। आप लोग तो बस इंडेक्स के नंबरों में खुश हो रहे हैं, जबकि आपकी बेटी डॉक्टर के पास जाने के लिए एक बार भी बैंक नहीं जा पाई!
मैं तो कहती हूँ, ये सब एक बड़ा धोखा है, जिसे आप लोग नीतिगत स्थिरता कह रहे हैं। ये तो सिर्फ एक निशान है, जिस पर लोग जाकर अपना नाम लिख देते हैं, लेकिन असली इमारत तो अभी तक नहीं बनी!
Vivek Pujari
जून 5, 2024 AT 18:39मैं तो बस एक निवेशक हूँ, लेकिन इस रिकॉर्ड के पीछे जो फंडमेंटल्स हैं, वो तो बिल्कुल शानदार हैं। एनडीए की विजय = स्ट्रॉन्ग गवर्नेंस = फिस्कल डिसिप्लिन = कैपिटल फ्लो में इंक्रीमेंट। ये निफ्टी का 23K तक पहुँचना सिर्फ एक टेक्निकल रिकॉर्ड नहीं, बल्कि एक सिग्नल है कि मार्केट ने लॉन्ग-टर्म ग्रोथ डायनेमिक्स को एक्सप्रेस कर दिया है। अगर आप अभी भी बैंक FD में पैसा डाल रहे हैं, तो आप अपने निवेश को इंफ्लेशन के खिलाफ बेच रहे हैं। जरूरत है एक डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो - SBI, NTPC, JSW Energy, REC - ये सब इंडिया ग्रोथ के बेसिक बिल्डिंग ब्लॉक्स हैं।
और हाँ, एक्जिट पोल्स ने जो भविष्यवाणी की है, वो एक डिमोक्रेटिक एक्सप्रेशन है। जनता ने राष्ट्रीय स्थिरता का वोट दिया है। इसका मतलब ये नहीं कि सब कुछ ठीक है, बल्कि ये कि हम एक बड़े फेज में हैं।
Ajay baindara
जून 6, 2024 AT 16:28अरे ये सब बकवास है जो लोग बोल रहे हैं! जब तक तुम्हारी बेटी के लिए एक लाख रुपये की एजुकेशन बैंक लोन से नहीं मिल रही, तब तक ये निफ्टी का रिकॉर्ड तुम्हारे लिए क्या फायदा? तुम लोग तो बस शेयर बाजार के नंबरों में खुश हो रहे हो, लेकिन तुम्हारा भाई दिल्ली के एक घर में छह लोगों के साथ रह रहा है। ये सब बस एक नाटक है, जिसे आप लोग आर्थिक विकास कह रहे हो।
मैं तो बस एक साधारण आदमी हूँ, लेकिन मैं जानता हूँ कि जब तक एक दिन में 200 रुपये कमाने वाले आदमी को एक बोतल पानी 30 रुपये में मिल रही है, तब तक ये रिकॉर्ड बस एक झूठ है।
mohd Fidz09
जून 8, 2024 AT 01:39अब तो भारत दुनिया का नंबर वन देश बन गया है! जिन लोगों ने इस देश को बचाया, वो हैं हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी! जब तक दुनिया ने भारत को नहीं जाना, तब तक ये रिकॉर्ड तो बस एक शुरुआत है।
अगर तुम्हारे घर में बिजली नहीं है, तो ये तुम्हारी गलती है, न कि देश की। हमारे लोगों ने बिजली बनाई, रोड बनाए, बैंक बनाए - और अब निफ्टी 23K पर पहुँच गया! ये नहीं कि आप बैंक में जाकर अपना पैसा डाल रहे हैं, बल्कि ये है कि आप अपने देश को विश्वास कर रहे हैं।
मैं तो बस एक आम आदमी हूँ, लेकिन मैं जानता हूँ कि अगर आप इस देश के साथ नहीं हैं, तो आप इस देश के लिए नहीं हैं। भारत माता की जय!
Rupesh Nandha
जून 8, 2024 AT 17:37ये सब रिकॉर्ड तो अच्छे हैं, लेकिन अगर हम इन्हें सिर्फ एक नंबर के रूप में देखेंगे, तो हम अपने आप को धोखा दे रहे हैं।
एक निवेशक के तौर पर, मैं देखता हूँ कि ये बाजार की भावना है, न कि वास्तविक जीवन की।
एक गाँव की लड़की जो अपने घर के बाहर बिजली के लिए आधा किलोमीटर चलती है, उसके लिए ये 23,338 का निफ्टी क्या बदलाव लाएगा?
और एक छोटे व्यापारी के लिए जिसके पास बैंक लोन के लिए कोलैटरल नहीं है, ये रिकॉर्ड उसके लिए एक खाली शब्द है।
हमें ये समझना होगा कि बाजार की ऊँचाई और जनता की गहराई दो अलग चीजें हैं।
जब तक एक बूढ़े आदमी को अपनी दवा के लिए 500 रुपये नहीं मिल रहे, तब तक ये सब बस एक शो है।
मैं निवेश करता हूँ, लेकिन मैं जागृत रहता हूँ।
हमें बाजार के नंबरों के साथ-साथ लोगों के जीवन के नंबरों को भी देखना होगा।
ये रिकॉर्ड तो अच्छा है, लेकिन अगर ये केवल एक नंबर बन जाए, तो ये एक खतरनाक नंबर बन सकता है।
हमें इसे एक उपलब्धि के रूप में नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी के रूप में देखना होगा।