तिहाड़ जेल की पूरी जानकारी - आज के अपडेट

क्या आप तिहाड़ जेल के बारे में जिज्ञासु हैं? यहाँ हम आपको इस जेल का इतिहास, अबकी स्थिति और हालिया खबरों से अवगत कराते हैं। आसान शब्दों में लिखा है ताकि हर कोई समझ सके।

तिहाड़ जेल की इतिहास

तिहाड़ जेल 1975 में स्थापित हुई थी, जब भारत सरकार ने सशस्त्र बलों के लिए एक विशेष बंदीघर बनवाया था। शुरुआती दिनों में यह केवल सेना के कैदियों को रखने का काम करता था, लेकिन धीरे‑धीरे सामान्य अपराधियों के लिये भी खुला। 1990 के दशक में जेल की इन्फ़्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने के कई कदम उठाए गए थे, जैसे नई साइडिंग और जल आपूर्ति प्रणाली।

जेल का नाम स्थानीय गाँव “तिहाड़” से आया है, जहाँ पहले एक किला था जो अब खंडहर बन गया है। इतिहासकारों ने बताया कि इस जगह पर पहले भी कई कारावास होते थे, लेकिन आधिकारिक रिकॉर्ड 1975 के बाद ही उपलब्ध हैं।

वर्तमान में तिहाड़ जेल

आज तिहाड़ जेल में लगभग 1,200 कैदी रहते हैं, जिनमें सामान्य अपराधी और कुछ राजनीतिक मामले भी शामिल हैं। प्रशासन ने हाल ही में एक नया सुरक्षा प्रणाली लागू किया है जिससे निगरानी कैमरे और बायोमैट्रिक डोर अधिक सुरक्षित हो गए।

कैदियों की कल्याण योजना के तहत हर महीने दो बार स्वास्थ्य जांच करवाई जाती है, और शिक्षा कार्यक्रम भी चल रहे हैं। स्थानीय NGOs ने जेल में पुस्तकालय स्थापित किया है जहाँ कैदी मुफ्त में किताबें पढ़ सकते हैं। यह पहल उन्हें सकारात्मक दिशा में सोचने में मदद करती है।

सामाजिक सुधार के हिस्से के तौर पर तिहाड़ जेल ने रोजगार प्रशिक्षण को भी शामिल किया है। सिलाई, कंप्यूटर बेसिक और बागवानी जैसे कौशल सिखाए जा रहे हैं ताकि रिहा होने पर कैदी जल्दी से काम पा सकें। कई बार यह कार्यक्रम सफल रहा है; पिछले साल 150 में से 120 लोगों ने स्थायी नौकरी पाई।

हालिया खबरों के अनुसार, तिहाड़ जेल में एक बड़े जल संकट को लेकर विवाद हुआ था। प्रशासन ने कहा कि जल टैंकों की नियमित जांच नहीं होने से पानी की कमी हुई, लेकिन अब नई पाइपलाइन लगाकर समस्या सुलझा ली गई है। इस पर स्थानीय लोग खुश हैं क्योंकि यह सुधार कैदियों और कर्मचारियों दोनों के लिए फायदेमंद है।

अगर आप तिहाड़ जेल में हो रहे बदलावों को ट्रैक करना चाहते हैं, तो आधिकारिक वेबसाइट या सोशल मीडिया पेज देख सकते हैं। वहाँ हर महीने एक रिपोर्ट प्रकाशित होती है जिसमें नई नीतियां, सुधार कार्य और कैदियों की संख्या दिखती है। यह पारदर्शिता बढ़ाने का कदम सरकार ने उठाया है।

समाप्ति में कहा जा सकता है कि तिहाड़ जेल अब सिर्फ़ बंदीघर नहीं रहा, बल्कि एक पुनर्वास केंद्र बन गया है जहाँ सुधार के कई प्रयास चल रहे हैं। आप अगर इस विषय पर और गहराई से पढ़ना चाहते हैं तो हमारे अन्य लेख भी देखें।

संजय सिंह का गंभीर आरोप: दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सेहत से BJP कर रही खिलवाड़

संजय सिंह का गंभीर आरोप: दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सेहत से BJP कर रही खिलवाड़

आप सांसद संजय सिंह ने बीजेपी पर आरोप लगाया है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सेहत को तिहाड़ जेल में नुकसान पहुंचाया जा रहा है। सिंह ने दावा किया कि केजरीवाल की मेडिकल रिपोर्ट दर्शाती है कि उनकी सेहत बिगड़ रही है। यह आरोप दिल्ली एलजी वीके सक्सेना के कार्यालय से प्राप्त एक संदेश के बाद लगाया गया है।

आगे पढ़ें

श्रेणियाँ: राजनीति

0