शिखर धवन करियर – बीते सालों की रोचक कहानी

अगर आप क्रिकेट के फैंस हैं तो शिखर धवन का नाम सुनते ही दिमाग में कई यादें आ जाती हैं। शुरुआती दिनों में दिल्ली से निकले ये बॅट्समैन आज भारत टीम और IPL दोनों में एक भरोसेमंद खिलाड़ी बन चुके हैं। इस लेख में हम उनके करियर के मुख्य चरणों, रिकॉर्ड और आने वाले समय की संभावनाओं पर नज़र डालेंगे।

अंतरराष्ट्रीय करियर के मुख्य मोड़

शिखर ने 2010 में ODI डेब्यू किया और जल्दी ही टीम में जगह बना ली। पहला बड़ा ब्रेक 2013 का था जब उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला शतक बनाया – 187 रनों की शानदार पारी। उस innings ने उन्हें दुनिया भर में पहचान दिला दी। उसके बाद 2015 विश्व कप में धवन ने 300 से अधिक रन बनाए, जिससे भारत को ग्रुप स्टेज में आगे बढ़ने में मदद मिली।

टेस्ट क्रिकेट में उनका प्रवेश थोड़ा देर से हुआ, लेकिन 2018 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने अपना पहला टेस्ट शतक बनाया। इस innings ने दिखाया कि धवन सिर्फ एक‑डेली फॉर्मेट का ही नहीं, बल्कि लंबे स्वरूप में भी भरोसा दिया जा सकता है।

इंडियन टीम में उनका सबसे यादगार पलों में से एक 2019 में इंग्लैंड के खिलाफ 150+ रन की पारी थी, जब भारत ने मैच जीता और धवन को ‘प्ले ऑफ़ मैन’ चुना गया। इस जीत ने उनकी मनोवैज्ञानिक मजबूती भी दिखा दी – बड़े दबाव में भी वो अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकते हैं।

IPL में शिखर धवन का योगदान

IPL में धवन की कहानी और भी दिलचस्प है। 2010 में दिल्ली कैपिटल्स (अब दिल्ली डार्बी) के साथ शुरुआत करने वाले धवन ने कई सीज़न में टीम को टॉप पर रखवाया। सबसे बड़ा इनाम 2018 का था जब उन्होंने सनराइज़र किंग्स के लिए 500+ रन बनाए, जिससे टीम प्ले‑ऑफ़ में पहुंची।

2021 की सिजन में उनका फॉर्म थोड़ा गिरा, लेकिन 2022 में फिर से टॉप ऑर्डर पर वापस आए और 600+runs का आंकड़ा तोड़ दिया। उनकी तेज़ शॉट‑मेकर शैली और हाई स्ट्राइक रेट ने कई मैचों को रोमांचक बना दिया।

धवन की चोटें भी कभी-कभी उनके करियर में बाधा बनती रही हैं, लेकिन हर बार वे जल्दी ठीक होते हुए वापस आए। 2023 में एक पिंडली इन्ज़री के बाद उन्होंने सिर्फ दो महीने में फॉर्म फिर से पकड़ लिया और IPL में 450+ रन बनाए। इससे यह साफ़ है कि शारीरिक समस्याएं उनके खेल को नहीं रोक सकतीं।

भविष्य की बात करें तो धवन अभी भी अपनी औसत बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। टीम मैनेजमेंट ने कहा है कि वे अगली विश्व कप में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, खासकर टॉप ऑर्डर में स्थिरता बनाए रखने के लिए। अगर वो अपने फिटनेस और फोकस को बनाये रखें तो 2025 तक उनका नाम बेस्ट ओपनिंग बॅट्समैन की लिस्ट में रहेगा।

संक्षेप में कहा जाए तो शिखर धवन का करियर उतार‑चढ़ाव से भरा रहा, पर हर मोड़ पर उन्होंने खुद को साबित किया है। चाहे वह अंतरराष्ट्रीय मंच हो या IPL, उनकी बल्लेबाज़ी ने हमेशा टीम को जीत की दिशा दी है। आगे भी उनके फैंस को कई यादगार पलों का इंतज़ार रहेगा।

शिखर धवन ने अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की

शिखर धवन ने अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की

भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन ने 38 वर्ष की उम्र में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की है। धवन ने 2010 में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी। धवन ने टेस्ट, वनडे और टी20 में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए 10,000 से अधिक रन बनाए। उनके संन्यास से भारतीय क्रिकेट में एक युग का अंत हो गया है।

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श्रेणियाँ: खेल

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