काउंसलिंग – आपके दिमाग को सुकून देने का आसान तरीका

आजकल तनाव, नींद न आना या रिश्तों में उलझन आम बात है। अगर आप भी इन समस्याओं से जूझ रहे हैं तो काउंसलिंग मददगार हो सकता है। इसमें प्रोफेशनल की सुनवाई और सही टिप्स मिलते हैं जिससे सोच साफ होती है। यह महँगा या डरावना नहीं, बस एक मीटिंग है जहाँ आप अपनी बात बिना सजा के रख सकते हैं।

काउंसलिंग क्यों जरूरी है?

जब हम खुद से समस्याओं को हल करने की कोशिश करते हैं तो अक्सर पागलपन में फँस जाते हैं। काउंसलर आपके विचारों को क्रमबद्ध करता है और आपको नई दृष्टि देता है। तनाव कम होने पर काम में फोकस बढ़ता है, नींद सुधरती है और रिश्ते भी मजबूत होते हैं। शोध दिखाते हैं कि नियमित सत्र से डिप्रेशन के लक्षण 30‑40 % तक घटते हैं। इसलिए एक छोटी सी बातचीत आपके जीवन को बड़ा बदल सकती है।

कैसे चुनें सही काउंसलर?

पहला कदम – रेफ़रल देखें। दोस्तों या परिवार से पूछें कि किसे अच्छा लगा, अक्सर भरोसा वही देता है जो पहले काम कर चुका हो। दूसरा – क्वालिफिकेशन चेक करें; लाइसेंस, डिग्री और अनुभव देखना जरूरी है। तीसरा – परामर्श का तरीका सोचें: ऑनलाइन या ऑफ़लाइन, शाम के सत्र या वीकेंड में, ये सब आपके टाइम‑टेबल पर निर्भर करता है। अंत में एक ट्रायल सत्र लेकर महसूस करें कि बात करने में सहजता है या नहीं। अगर आराम मिलता है तो वही सही चुनाव है।

सिर्फ यही नहीं, काउंसलिंग के कई फॉर्म हैं – करियर गाइडेंस, शादी‑शादी का काउंसलिंग, बच्चों की पढ़ाई में मदद आदि। आप अपनी जरूरत के हिसाब से विशेषज्ञ चुन सकते हैं। आज ही एक सत्र बुक करें और खुद को हल्का महसूस करना शुरू करें। याद रखें, मदद माँगना कमजोरी नहीं बल्कि समझदारी है।

नीट यूजी काउंसलिंग 2024: अनियमितताओं के आरोपों के बाद स्थगित

नीट यूजी काउंसलिंग 2024: अनियमितताओं के आरोपों के बाद स्थगित

नीट यूजी 2024 काउंसलिंग प्रक्रिया को अनियमितताओं के आरोपों के बाद अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने काउंसलिंग को 6 जुलाई 2024 से शुरू करने की योजना बनाई थी, लेकिन अब यह तारीख आगे बढ़ाकर नए आदेशों तक स्थगित कर दी गई है।

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