गुजराती शादी के राज़: रीति‑रिवाज़, तैयारियां और बजट कैसे संभालें

अगर आप या आपके रिश्ते में कोई गुजराती परिवार है तो शादी की तैयारी थोड़ा अलग ही मज़ा देती है। रंगीन लहंगों से लेकर गरबा‑डांडिया तक सब कुछ खास होता है। इस गाइड में हम आसान भाषा में बताएँगे कि कौन‑से रिवाज़ हैं, क्या-क्या चाहिए और पैसे कैसे बचाए रखें।

मुख्य रीति‑रिवाज़ और उनका महत्व

गुजराती शादी के सबसे पहचानने योग्य हिस्से मेहंदी, बारात और गरबा हैं। मेहंदी में दूल्हा-दुल्हन दोनों को हल्के‑हल्के डिजाइन बनवाते हैं, ताकि हाथों पर भी एक खूबसूरत कहानी लिखी रहे। बारात के दौरान गाड़ी पर नाचते लोग, ढोलक और शहनाई की धुनें माहौल को जीवंत बना देती हैं। शादी के बाद गरबा का सत्र शुरू होता है; मेहमान मिलकर घूमें‑घूमें गीत गाते हैं और यह शाम को यादगार बनाता है।

एक और खास रिवाज़ साखी है, जहाँ दूल्हे के पिता या अंकल शादी का काग़ज़ी काम संभालते हैं। साखी में दुल्हन की ओर से एक छोटा तोहफ़ा (आमतौर पर सोने का सिक्का) दिया जाता है, जिससे दोनों परिवारों के बीच भरोसा बढ़ता है।

तैयारी: कपड़े, भोजन और बजट

गुजराती शादी में दूल्हे की धोटी/चोगा और दुल्हन की लींहवानी सबसे बड़ी ख़रीद होती है। आप स्थानीय बुटीक या ऑनलाइन स्टोर से कस्टम डिज़ाइन बनवा सकते हैं। अक्सर कपड़े पर एम्ब्रॉयडरी या ज़री के काम होते हैं, इसलिए सिलाई में थोड़ा समय रखिए।

भोजन की बात करें तो ढोकला, खांडवी, थालीपीठ और फाफड़ा अवश्य चाहिए। अगर बजट कम है तो इन व्यंजनों को स्थानीय कॅटरर से ऑर्डर कर सकते हैं; बड़े होटल के पैकेज में अक्सर अतिरिक्त चीज़ें शामिल रहती हैं जो ज़रूरत नहीं होतीं।

बजट कंट्रोल करने का सबसे आसान तरीका है पहले सूची बनाना: कपड़े, ज्वेलरी, मेहमानों की संख्या, सजावट और फ़ोटोग्राफ़ी। हर आइटम पर अनुमानित खर्च लिखें और 10‑15% अतिरिक्त रखिए ताकि आखिरी मिनट में कोई सरप्राइज़ न हो।

आखिर में कुछ छोटी-छोटी टिप्स:

  • मेहमानों की सूची को पहले तय कर लें, इससे खानपान का अनुमान सही रहेगा।
  • सजावट के लिए स्थानीय कलाकारों से कम खर्च में बेहतरीन रंगीन पंखुड़ियां और बैनर मिल सकते हैं।
  • गेस्ट हाउस या होमस्टे की बुकिंग जल्दी कर लें, खासकर शादी मौसम (अक्टूबर‑जनवरी) में।

इन बातों को ध्यान में रखकर आप एक ऐसी गुजराती शादी बना पाएँगे जो सिर्फ़ परंपरा नहीं बल्कि दिल से जुड़ी हुई हो। याद रखें, सबसे बड़ा राज़ है सबको खुश रखना – चाहे दूल्हा‑दुल्हन हों या मेहमान।

अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट की मेमेरू रस्म: पारंपरिक गुजराती प्री-वेडिंग रिवाज़

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अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट की शादी का जश्न पारंपरिक गुजराती मेमेरू रस्म के साथ शुरू हो गया है, जिसमें दुल्हन को उसके मामा द्वारा उपहार दिए जाते है। यह रस्म दुल्हन के मामा और दूल्हा परिवार के बीच महत्वपूर्ण संबंध को दर्शाती है।

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