दिल्ली एक्साइज नीति – क्या बदल रहा है?
अगर आप दिल्ली में बार खोलना चाहते हैं या सिर्फ़ अपनी पसंदीदा बोतल खरीदते‑खरीदते कर के बारे में जाँचना चाहते हैं, तो नई एक्साइज नीति को समझना ज़रूरी है। सरकार ने पिछले साल कई बदलाव किए – टैक्स स्लैब बदलें, लाइसेंस शुल्क घटाया और कुछ प्रोडक्ट्स की परिभाषा भी बदली। इस लेख में हम सरल भाषा में बताएँगे कि ये परिवर्तन आपके रोज़मर्रा के खर्चे को कैसे असर करेंगे।
नई टैक्स स्लैब क्या हैं?
पहले शराब पर 25% से 30% तक का एक ही दर लागू था, लेकिन अब प्रोडक्ट की अल्कोहल कंटेंट और पैकेज साइज के हिसाब से अलग‑अलग दरें लगाई गईं। उदाहरण के तौर पर:
- 40% से कम अल्कोहल वाली बीयर पर 20% कर
- 40%‑50% वाले व्हिस्की व रम पर 25% कर
- 50% से ऊपर वाले प्रीमियम स्पिरिट्स पर 30% कर
इससे छोटे पैकेज की कीमतें थोड़ी घट सकती हैं, जबकि बड़े बॉटल्स का खर्च थोड़ा बढ़ेगा। अगर आप बार या रेस्तरां चलाते हैं तो इस नई स्लैब को समझकर अपने मेन्यू में प्राइसिंग सही कर सकते हैं।
लाइसेंसिंग प्रक्रिया में बदलाव
पहले लाइसेंस के लिए कई महीनों का इंतजार करना पड़ता था, अब ऑनलाइन आवेदन फॉर्म और तेज़ी से मंजूरी मिलने की व्यवस्था है। मुख्य बिंदु:
- ऑनलाइन पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड करें – पहचान, पते, व्यापार योजना
- फीस में 15% कटौती – अब सालाना ₹10,000 के बजाय ₹8,500 देना होगा
- जुड़ी हुई सैटिस्फैक्शन सर्वे में 48 घंटे का टर्नअराउंड टाइम
यह बदलाव छोटे उद्यमियों को बहुत फायदा देगा। बस एक कंप्यूटर या मोबाइल और इंटरनेट कनेक्शन चाहिए, फिर सब काम घर बैठे पूरा हो सकता है।
ध्यान रखने योग्य बात यह है कि हर नई नीति के साथ कुछ नियम भी आते हैं – जैसे शराब की बिक्री समय सीमा, विज्ञापन पर प्रतिबंध, और डिलिवरी में ट्रैकिंग सिस्टम का अनिवार्य होना। इनको अपनाने से जुर्माना या लाइसेंस रद्द होने जैसी दिक्कतें बचती हैं।
क्या आपको पता है कि नई नीति के तहत शराब की वैध उम्र 21 साल रहने वाली है, लेकिन कुछ विशेष इवेंट में 18+ दिखा कर भी बिक्री नहीं हो सकती? यह नियम सुरक्षा कारणों से लागू किया गया है और इसे उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना लग सकता है।
अगर आप खुद को इस क्षेत्र में नए कदम रख रहे हैं तो एक छोटा चेकलिस्ट बनाइए:
- अपना व्यापार मॉडल तय करें – बार, रेस्टोरेंट या डिलीवरी सेवा?
- ऑनलाइन लाइसेंस पोर्टल पर पंजीकरण करिए
- नई टैक्स स्लैब के अनुसार प्रोडक्ट की कीमतें सेट करिए
- कर्मचारियों को नई नियमों पर ट्रेनिंग दें
- ट्रैकिंग और रिपोर्टिंग सॉफ्टवेयर अपनाएँ
इन कदमों से आप बिना किसी झंझट के काम शुरू कर सकते हैं। सरकार भी छोटे व्यवसायी का समर्थन करने की कोशिश में है, इसलिए नई प्रक्रिया को जल्द अपनाएं।
अंत में यही कहना चाहूँगा – दिल्ली एक्साइज नीति अब ज्यादा स्पष्ट और सरल हो गई है। अगर आप नियमों को समझते हुए अपना व्यापार चलाते हैं तो न केवल कानूनी सुरक्षा मिलती है, बल्कि खर्च भी नियंत्रित रहता है। इस पेज पर आपको टैक्स स्लैब, लाइसेंसिंग और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी एक ही जगह मिलेगी – इसलिए नियमित रूप से अपडेट चेक करना न भूलें।

अरविंद केजरीवाल: दिल्ली एक्साइज नीति मामले में सीबीआई के सवाल-जवाब, कल अदालत में पेशी की संभावना
25 जून, 2024 को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से तिहाड़ जेल में दिल्ली एक्साइज नीति मामले को लेकर सीबीआई ने पूछताछ की। सीबीआई ने केजरीवाल का बयान रिकॉर्ड किया और उन्हें 26 जून, 2024 को ट्रायल कोर्ट में पेश किए जाने की संभावना है। यह घटना उस समय आई है जब दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें नियमित जमानत देने के ट्रायल कोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी थी।
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