चोट से कैसे बचें और जल्दी ठीक हों
अगर आपको कहीं चोट लगी है तो अक्सर घबराहट होती है. सबसे पहले शांत रहें और तुरंत सही कदम उठाएँ. यहाँ पर हम सरल तरीकों से बताएँगे कि आप छोटी‑मोटी चोटों को घर पर ही कैसे संभाल सकते हैं.
चोट लगते ही तुरंत क्या करें
पहला काम है प्रभावित हिस्से को साफ रखना. अगर खरोंच या कट लगी हो तो हल्के साबुन और पानी से धोएँ, फिर एंटी‑सेप्टिक क्रीम लगाएँ. सूजन वाले हिस्से पर बर्फ की थैली रखें, 10‑15 मिनट के लिए, फिर दो‑तीन घंटे आराम दें. यह दर्द कम करेगा और सूजन घटाएगा.
दूसरा कदम है चोट का प्रकार पहचानना. मोच, खिंचाव या हड्डी टूटने में अलग‑अलग इलाज चाहिए. अगर चलने‑फिरने में दिक्कत हो या तेज़ दर्द रहे तो डॉक्टर से मिलें. समय पर मेडिकल मदद लेने से जटिलता कम होती है.
घर पर चोट का आसान इलाज
छोटे मोच या खिंचाव के लिए हल्का स्ट्रेचिंग और मसाज काम करता है. आराम से प्रभावित हिस्से को धीरे‑धीरे हिलाएँ, फिर 5‑10 मिनट तक हल्के व्यायाम करें. अगर दर्द बढ़े तो तुरंत रोकें.
खेल‑कूद में अक्सर चोट लगती है, जैसे कि हाल ही में ऋतिक रोशन की फिल्म ट्रेलर में चोटी के कारण उनका काम बंद हो गया था. ऐसे में पहले आराम ज़रूरी है, फिर धीरे‑धीरे फिजियोथेरेपी शुरू करें.
डॉक्टर से मिलने तक अगर दर्द बहुत तेज़ लगे तो ओवर‑देज़ काउंटर पर उपलब्ध इबुप्रोफेन या पैरासिटामोल ले सकते हैं. लेकिन खुराक का ध्यान रखें, और गर्भवती महिलाओं को डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए.
अगर चोट खुली हुई है तो इसे धूल व बैक्टीरिया से बचाएँ. साफ कपड़े या बैंडेज़ से ढँकें, रोज़ाना बदलेँ. संक्रमण होने पर लाली, गर्मी या पुस्सा दिखे तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ.
खेल के दौरान चोट रोकने के लिए वार्म‑अप और कूल‑डाउन बहुत जरूरी है. हल्के दौड़, स्ट्रेचिंग और जोड़ों की घुमाव से मसल्स तैयार होते हैं, जिससे मोच कम होती है.
अंत में याद रखें कि छोटी‑सी चोट को नज़रअंदाज़ कर देना अक्सर बड़े समस्या बन जाता है. अगर दर्द या सूजन दो‑तीन दिन तक नहीं घटे तो विशेषज्ञ की सलाह लें. सही समय पर इलाज आपको जल्दी वापस मैदान या रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ले आएगा.

जसप्रीत बुमराह की चोट ने बढ़ाई चिंता, लेकिन आखिरी टेस्ट में लौटे मैदान पर
भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले जा रहे पांचवे और आखिरी टेस्ट मैच के दूसरे दिन संदेहास्पद साइड स्ट्रेन के कारण मैदान छोड़ दिया। उन्हें एहतियातन स्कैन के लिए ले जाया गया और उनकी अनुपस्थिति तीन घंटे और बीस मिनट तक रही। हालांकि, बुमराह के लौटने से भारतीय कैंप को बड़ी राहत मिली। श्रृंखला में उनकी दृढ़ता ने भारत के हाथ मजबूत किए हैं।
श्रेणियाँ: खेल
0