भारतीय डिपॉजिटरि क्या है? आसान शब्दों में पूरी जानकारी
जब हम शेयर खरीदते हैं तो पहले कागज़ी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होती। इसका कारण है डिपॉजिटरी – यानी इलेक्ट्रॉनिक भंडार जहाँ आपके सारे शेयर रखे जाते हैं। इसको समझना मुश्किल नहीं, बस सोचिए जैसे मोबाइल में फोटो स्टोर होते हैं, वैसे ही शेयर भी एक सुरक्षित ‘डेटाबेस’ में रखे जाते हैं।
डिपॉजिटरि का काम और दो बड़े खिलाड़ी
भारत में दो मुख्य डिपॉजिटरी हैं – NSDL (नेशनल सिक्योरिटीज़ डेपॉज़िटरी लिमिटेड) और CDSL (सेंटरल डिफॉल्ट सेक्युरिटी लाइब्रेरी). दोनों ही आपके शेयरों को इलेक्ट्रॉनिक फॉर्मेट में रखती हैं, जिससे ट्रांसफ़र, बेच‑बेचना या जाँच आसान हो जाती है। जब आप कोई कंपनी का स्टॉक खरीदते हैं तो वह शेयर तुरंत आपके डीमैट (डिमैटेरियलाइज़्ड) अकाउंट में जुड़ जाता है, कागज की फाइल नहीं.
डीमैट खाता खोलने के सरल कदम
1. ब्रोकरेज फर्म चुनें: Zerodha, Upstox या किसी भी मान्य ब्रोकर को चुनिए.
2. KYC पूरा करें: पैन कार्ड, एड्रेस प्रूफ़ और फोटो अपलोड कर दें.
3. फॉर्म भरें: डीमैट अकाउंट खोलने का फॉर्म (इलेक्ट्रॉनिक या पेपर) जमा करें.
4. डिपॉजिटरी चुनें: आप NSDL या CDSL में से कोई भी चुन सकते हैं, दोनों की सुविधा एक जैसी है.
5. खाता सक्रिय हो जाए तो ट्रेडिंग शुरू: अब शेयर खरीद‑बेचना बिना कागज़ी झंझट के हो सकता है.
ध्यान दें – डीमैट अकाउंट खोलने में कोई सालाना फीस नहीं होती, सिर्फ़ ब्रोकरेज की फीस लगती है. अगर आप पहली बार निवेश कर रहे हैं तो छोटे‑छोटे ट्रेडिंग प्लान से शुरू करें, ताकि कम जोखिम में सीख सकें.
डिपॉजिटरि का सबसे बड़ा फायदा ये है कि शेयरों की सुरक्षा बहुत बढ़ जाती है। कागज़ी सर्टिफिकेट खोने या चोरी होने की चिंता नहीं रहती. साथ ही, ट्रांसफ़र तुरंत होता है – अगर दो दोस्त के बीच शेयर बदलना हो तो एक मिनट में कर सकते हैं.
अब सवाल आता है – क्या मैं अपने डीमैट अकाउंट को कई ब्रोकरों से जोड़ सकता हूँ? हाँ, आप एक डिपॉजिटरी (जैसे NSDL) में अपना खाता रख सकते हैं और उसे अलग‑अलग ब्रोकरेज प्लेटफ़ॉर्म पर लिंक कर सकते हैं. इसका मतलब है कि अगर किसी ब्रोकर की फीस बढ़े तो आप तुरंत दूसरे ब्रोकर पर स्विच कर सकते हैं, बिना शेयर निकालने के.
डिपॉजिटरि से जुड़ी कुछ आम गलतफहमियां भी होती हैं। अक्सर लोग सोचते हैं कि डिपॉजिटरी शेयरों को ‘बदल’ देती है या उनका कोई मालिकाना हक़ नहीं रहता. असल में, डिपॉजिटरि सिर्फ़ एक भरोसेमंद मध्यस्थ है जो आपके अधिकार सुरक्षित रखती है, वही आपका शेयर है.
यदि आप अभी भी समझते हैं कि डीमैट अकाउंट खोलना जटिल लगता है, तो ब्रोकर की हेल्पलाइन या चैट सपोर्ट से बात करें. अधिकांश ब्रोकर 24/7 मदद देते हैं और अक्सर एक ही कॉल में पूरा प्रोसेस कर देते हैं.
संक्षेप में, भारतीय डिपॉजिटरि आपके शेयरों को इलेक्ट्रॉनिक रूप में सुरक्षित रखती है, ट्रांसफ़र आसान बनाती है, और कागज़ी झंझट से बचाती है. एक बार डीमैट खाता खोल ले, तो आप बिना किसी बाधा के शेयर बाजार की हर चाल देख सकते हैं और अपने निवेश का पूरा फायदा उठा सकते हैं.

CDSL के शेयर 13% उछलकर सर्वोच्च स्तर पर, बोनस शेयर पर विचार
सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिटेड (CDSL) के शेयरों में 13% की तेजी दर्ज की गई, जिससे इसका मूल्य ₹2,260 प्रति शेयर के रिकॉर्ड उच्च स्तर तक पहुँच गया। कंपनी के निदेशक मंडल ने बोनस शेयर जारी करने पर विचार करने की घोषणा की है, जिसके चलते इन शेयरों में उछाल देखा गया। यदि यह प्रस्ताव पारित होता है तो यह कंपनी का पहला बोनस शेयर होगा।
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