शेयर बाज़ार में सट्टा गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए SEBI के प्रस्ताव
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने इंडेक्स डेरिवेटिव्स खंड में बढ़ती सट्टा गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए कई महत्वपूर्ण उपायों का प्रस्ताव पेश किया है। यह उपाय मुख्यतः छोटे खुदरा निवेशकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए हैं, जो सट्टा व्यापार में शामिल होकर अक्सर भारी नुकसान उठा लेते हैं। SEBI के ये उपाय न केवल खुदरा निवेशकों की रक्षा करेंगे बल्कि बाजार में स्थिरता भी लाएंगे।
अनुबंध आकार में वृद्धि
SEBI ने इंडेक्स डेरिवेटिव्स के लिए न्यूनतम अनुबंध आकार को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। इसका उद्देश्य छोटे खुदरा निवेशकों को इस सेगमेंट में प्रवेश करने से हतोत्साहित करना है, जहां भारी सट्टा व्यापार की संभावना होती है। अधिक अनुबंध आकार का मतलब है कि छोटे निवेशक अधिक सावधानी बरतेंगे और केवल वही निवेशक आएंगे जो वास्तव में स्थिर वित्तीय स्थिति रखते हैं।
इसके साथ ही, SEBI ने इंडेक्स उत्पादों की साप्ताहिक पेशकशों को सीमित करने का भी सुझाव दिया है। यह कदम भी सट्टा गतिविधियों को नियंत्रित करने में मददगार होगा और बाजार में अत्यधिक जोखिम लेने से बचाएगा।
विकल्प प्रीमियम अग्रिम में एकत्र करना
SEBI ने ब्रोकर्स को निर्देश दिया है कि वे विकल्प प्रीमियम को अग्रिम में एकत्र करें। यह सुनिश्चित करेगा कि ग्राहक अनुचित इंट्राडे लिवरेज का लाभ न उठा सकें और केवल वही स्थिति लें जो उनके संपार्श्विक के अनुसार हो। यह कदम भी सट्टा व्यापार को नियंत्रित करने में सकारात्मक योगदान देगा।
सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स में वृद्धि
सट्टा गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने फ्यूचर्स और ऑप्शंस ट्रेडों पर सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने का प्रस्ताव भी दिया है। इस कदम से यह सुनिश्चित होगा कि केवल वे निवेशक ही इन हाई रिस्क ट्रेडों में लिप्त होंगे जिनके पास पर्याप्त वित्तीय क्षमता है।
जोरोधा के संस्थापक, नितिन कामथ ने बताया कि यह परिवर्तन ऑप्शंस ट्रेड के वॉल्यूम पर प्रभाव नहीं डाल सकता है, लेकिन फ्यूचर्स वॉल्यूम में कमी आ सकती है। उनके अनुसार, फ्यूचर्स ट्रैडर्स लगभग 50% समय में मुनाफा कमाते हैं, जबकि ऑप्शंस ट्रैडर्स केवल 10% समय पर ही मुनाफा कमा पाते हैं। ऑप्शंस ट्रेड में असीमित लिवरेज की वजह से यह अंतर होता है।
अवसर मूल्य पद्धति का पुनरीक्षण
SEBI ने अवसर मूल्य पद्धति को भी पुनरीक्षित करने का प्रस्ताव दिया है। इसका उद्देश्य अनुक्रमणिका डेरिवेटिव अनुबंधों के लिए एक समान स्ट्राइक इंटरवल को लागू करना है। यह सुनिश्चित करेगा कि सभी स्ट्राइक मूल्य अनुक्रमणिका के वर्तमान मूल्य के करीब ही हों और एक अनुक्रमणिका डेरिवेटिव अनुबंध के लॉन्च पर केवल 50 स्ट्राइक्स ही पेश किए जाएं।
निवेशक जागरूकता के लिए SEBI के प्रयास
SEBI ने 2023-24 में निवेशक जागरूकता कार्यक्रमों की संख्या भी बढ़ाई है। उन्होंने 43,826 कार्यक्रम आयोजित किए जिनमें 687 जिलों में 27.93 लाख से अधिक प्रतिभागियों को कवर किया गया। इसके साथ ही, SEBI ने ब्रोकर ट्रेडिंग स्क्रीन पर कानूनी चेतावनियों को प्रस्तुत करने और सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर निवेशक जागरूकता वीडियो प्रसारित करने का भी प्रस्ताव रखा है।
SEBI द्वारा प्रस्तावित इन सभी उपायों का उद्देश्य इंडेक्स डेरिवेटिव्स मार्केट में सट्टा गतिविधियों को कम करना, खुदरा निवेशकों की सुरक्षा को मजबूत करना और बाजार में स्थिरता को हासिल करना है। इस संदर्भ में, निवेशकों का जागरूक होना और समझदारी से निवेश करना बहुत महत्वपूर्ण है।
समाप्ति के पास विकल्पों पर मार्जिन बढ़ाना
आखिरकार, SEBI ने विकल्पों की समाप्ति के पास मार्जिन बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा है ताकि मूलभूत लिवरेज और उससे जुड़े जोखिमों को कम किया जा सके। यह सुनिश्चित करेगा कि निवेशक केवल उन्हीं ट्रेडों में शामिल हों जो वे संभाल सकें और अनावश्यक रूप से जोखिम न लें।
इन प्रस्तावित उपायों से यह उम्मीद की जा रही है कि इंडेक्स डेरिवेटिव्स खंड में सट्टा गतिविधियों को नियंत्रित करने और खुदरा निवेशकों की सुरक्षा को बढ़ावा देने में सफलतापूर्वक मदद मिलेगी।
Thomas Mathew
अगस्त 2, 2024 AT 17:57Dr.Arunagiri Ganesan
अगस्त 3, 2024 AT 11:28simran grewal
अगस्त 3, 2024 AT 23:21Vinay Menon
अगस्त 5, 2024 AT 16:50Monika Chrząstek
अगस्त 6, 2024 AT 15:08Vitthal Sharma
अगस्त 8, 2024 AT 15:07chandra aja
अगस्त 9, 2024 AT 12:08Sutirtha Bagchi
अगस्त 10, 2024 AT 07:57Abhishek Deshpande
अगस्त 10, 2024 AT 19:56vikram yadav
अगस्त 11, 2024 AT 07:41Tamanna Tanni
अगस्त 12, 2024 AT 00:34Rosy Forte
अगस्त 13, 2024 AT 21:31Yogesh Dhakne
अगस्त 14, 2024 AT 17:56kuldeep pandey
अगस्त 15, 2024 AT 04:01