सिंक्रनाइज्ड तैराकी: क्या है और क्यों खास?
आपने शायद टीवी पर ओलंपिक या एशिया गेम्स में जल क्रीड़ा के दौरान कुछ खूबसूरत सीन देखे होंगे, जहाँ टीमें संगीत की धुन पर पानी में तालबद्ध मूवमेंट करती हैं। यही सिंक्रीनाइज़्ड तैराकी है – एक ऐसी कला जो एथलेटिकिटी को कलात्मक अभिव्यक्ति से जोड़ती है। अगर आप इस खेल के बारे में जानना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए बनाया गया है।
इतिहास और अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य
सिंक्रीनाइज़्ड तैराकी की जड़ें 19वीं सदी के यूरोप में पाई जाती हैं, जहाँ जल नृत्य को मनोरंजन का एक रूप माना जाता था। 1984 से यह ओलंपिक खेलों में आधिकारिक इवेंट बन गया और तब से हर चार साल में विश्व स्तर पर बड़े टूर्नामेंट होते हैं। रशिया, चीन और जापान इस स्पोर्ट के दिग्गज माने जाते हैं, लेकिन हाल ही में ऑस्ट्रेलिया, यूएसए और भारत भी अपनी पहचान बना रहे हैं।
दुनिया भर की टीमें पाँच से सात सदस्यीय समूहों में भाग लेती हैं, प्रत्येक को एक संगीत ट्रैक पर फॉर्मेशन बदलना होता है। जजेस तकनीक, तालमेल, क्रीडात्मक कठिनाई और कलात्मक प्रस्तुति को मिलाकर अंक देते हैं। इसलिए हर प्रतियोगिता में स्कोरिंग बहुत ही बारीकी से की जाती है।
भारत में सिंक्रीनाइज़्ड तैराकी – अब क्या हो रहा है?
भारत ने पिछले कुछ सालों में इस खेल को प्रोफेशनल लेवल पर लाने के लिए कई कदम उठाए हैं। राष्ट्रीय स्तर पर कई अकादमी खुल गईं, जहाँ युवा स्विमर को पानी के नीचे नृत्य की ट्रेनिंग दी जाती है। 2023 में भारतीय टीम ने एशिया गेम्स में अपना पहला मेडेल जीत कर सबको आश्चर्यचकित किया था। अब यह टीम ओलंपिक क्वालिफायर और विश्व चैंपियनशिप के लिए तैयारी में लगी हुई है।
अगर आप खुद इस कला सीखना चाहते हैं, तो सबसे पहले एक बेसिक स्विमिंग क्लास ज़रूर करें। पानी में सहजता बनाना आवश्यक है क्योंकि सिंक्रीनाइज़्ड तैराकी में कई बार उलटे पोज़ और फुर्तीले मूवमेंट होते हैं। उसके बाद आप किसी मान्यताप्राप्त अकादमी में जॉइन कर सकते हैं, जहाँ कोरियोग्राफी, संगीत चयन और टीम वर्क की ट्रेनिंग दी जाती है।
एक सामान्य प्रैक्टिस सत्र 2 घंटे का होता है: पहले वार्म‑अप, फिर सिंक्रनाइज़्ड स्ट्रोक्स पर काम और अंत में फॉर्मेशन रिहर्सल। अधिकांश अकादमी में महीने के हिसाब से फीस होती है, लेकिन कई सरकारी योजनाएँ स्कॉलरशिप भी देती हैं, इसलिए अगर वित्तीय मदद चाहिए तो स्थानीय खेल विभाग से संपर्क करें।
आगामी प्रमुख इवेंट्स की बात करें तो 2025 में एशिया पैसिफिक गेम्स और फिर 2028 के ओलंपिक क्वालिफायर्स भारत में ही आयोजित होंगे। यह अवसर भारतीय स्विमर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिखाने का बड़ा मंच देगा। इन प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए चयन प्रक्रिया कड़ी होती है; आपको राष्ट्रीय ट्रायल में हाई स्कोर करना होगा और जजेस की तकनीकी रेटिंग पास करनी होगी।
तो संक्षेप में, सिंक्रीनाइज़्ड तैराकी सिर्फ एक खेल नहीं बल्कि पानी में कला है जो शारीरिक फिटनेस को संगीत के साथ मिलाती है। यदि आप इस दिशा में करियर बनाना चाहते हैं या बस हौबी के तौर पर सीखना चाहते हैं, तो बेसिक स्विमिंग से शुरू करें और फिर प्रोफेशनल अकादमी की ओर बढ़ें। भारत का भविष्य उज्ज्वल दिख रहा है—नए टैलेंट्स लगातार उभर रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की धाक मजबूत हो रही है।

पेरिस ओलंपिक 2024: कलात्मक तैराकी का शानदार प्रदर्शन
पेरिस ओलंपिक 2024 में 'कलात्मक तैराकी' का रोमांचक खेल भी शामिल होगा, जो पानी में नृत्य और जिम्नास्टिक के तत्वों का मेल है। इस खेल में अभिनव मिश्रित युगल इवेंट पहली बार शामिल हो रहा है, जिससे खेल में लिंग समानता और विविधता को बढ़ावा मिलेगा।
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