गौतम अडानी 2024 की हुरुन इंडिया रिच लिस्ट में सबसे अमीर भारतीय

गौतम अडानी 2024 की हुरुन इंडिया रिच लिस्ट में सबसे अमीर भारतीय

अग॰, 30 2024

हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2024: गौतम अडानी एक बार फिर शीर्ष पर

हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2024 में गौतम अडानी ने फिर से शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। हुरुन रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा तैयार की गई इस सूची में अडानी की संपत्ति में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। यह वृद्धि मुख्य रूप से उनके कंपनियों के सफल प्रदर्शन के कारण हुई है, विशेष रूप से ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों में।

अडानी की संपत्ति का विशाल विस्तार

गौतम अडानी की संपत्ति में जो बढ़ोतरी हुई है, वह उनकी व्यापारिक साम्राज्य की विस्तार के कारण है। अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी पोर्ट्स और अडानी ग्रीन एनर्जी जैसी कंपनियों ने उनके नेट वर्थ में भारी योगदान दिया है। इस साल, अडानी की संपत्ति की सबसे बड़ी वृद्धि उनकी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे के विकास में निवेश के कारण हुई है।

मुकेश अंबानी ने दूसरा स्थान हासिल किया

हुरुन इंडिया रिच लिस्ट में दूसरे स्थान पर रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी हैं। अंबानी भी भारत के सबसे प्रतिष्ठित व्यापारिक नेताओं में से एक हैं। हालांकि अडानी ने उन्हें मुख्य स्थान से पीछे छोड़ दिया है, लेकिन अंबानी की संपत्ति अभी भी अत्यधिक प्रभावित करने वाली है।

भारत की आर्थिक स्थिति का प्रतिबिंब

यह सूची भारतीय अर्थव्यवस्था की समग्र स्थिति का भी प्रतिबिंब है। भारतीय अरबपतियों की संपत्ति में बढ़ोतरी अनुकूल बाजार स्थितियों और नवीन व्यावसायिक रणनीतियों के कारण हुई है। सरकार की अनुकूल नीतियों ने भी व्यापार के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि भारतीय कंपनियों का वैश्विक प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।

उद्योगों का प्रभाव

हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2024 में विभिन्न उद्योगों का विशेष प्रभाव देखा गया है। ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर, और नवीकरणीय ऊर्जा ऐसे क्षेत्र हैं जिन्होंने अरबपतियों की संपत्ति को बड़ा उछाल दिया है। इसके अलावा, तकनीकी और विनिर्माण उद्योगों में भी बड़ी वृद्धि देखने को मिली है। इन उद्योगों में अनुकूल निवेश और विकास की संभावना ने व्यापारिक नेताओं की संपत्ति में उल्लेखनीय वृद्धि की है।

भारत के सबसे अमीर व्यक्तियों की सूची

हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2024 में, शीर्ष 100 सबसे अमीर भारतीयों की कुल संपत्ति का भी उल्लेख किया गया है। इस सूची में कई प्रमुख उद्योगपति शामिल हैं जो अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय स्थान रखते हैं। इस सूची में शामिल अन्य उल्लेखनीय नामों में विप्रो के अजीम प्रेमजी, एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शिव नाडार, और सन फार्मास्यूटिकल्स के दिलीप सांघवी शामिल हैं।

सरकार की नीतियों का प्रभाव

भारतीय सरकार की नीतियों ने व्यापारिक नेताओं की संपत्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विशेष रूप से, नवीकरणीय ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए दी गई सहूलियतों ने व्यापारियों को अपनी संपत्तियों में वृद्धि करने का अवसर प्रदान किया है। इसके अलावा, तकनीकी निवेश और नवाचार को प्रोत्साहन मिलने से भी व्यापार की वृद्धि में मदद मिली है।

कुल मिलाकर, हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2024 भारत के व्यापारिक नेताओं की संपत्ति में हुई वृद्धि का एक जीवंत प्रमाण है। यह सूची भारतीय अर्थव्यवस्था की स्वस्थ और समृद्ध स्थिति को भी दर्शाती है और यह स्पष्ट करती है कि भारतीय उद्यमियों का वैश्विक प्रभाव किस हद तक बढ़ा है।

14 टिप्पणि

  • Image placeholder

    Saachi Sharma

    सितंबर 1, 2024 AT 14:14

    अडानी ने फिर शीर्ष स्थान हासिल किया, मुकेश अंबानी को धूल चढ़ा दी। ये लोग तो अब सिर्फ अमीर नहीं, बल्कि एक अलग ही धरती पर रह रहे हैं।

  • Image placeholder

    Vijayan Jacob

    सितंबर 1, 2024 AT 20:33

    हा हा, अब तो अडानी के नाम के साथ ही भारत का नाम जुड़ गया है। लेकिन ये सब किसके लिए? जब तक गाँव के बच्चे बिना बिजली के रहते हैं, ये सब बस एक नंबर का खेल है।

  • Image placeholder

    shubham pawar

    सितंबर 2, 2024 AT 08:09

    ओये भाई, ये सब तो बस एक ड्रामा है। अडानी की कंपनियाँ जितनी बड़ी हो रही हैं, उतनी ही बड़ी हो रही हैं उनकी कर्ज की गिनती। क्या तुम्हें पता है कि एक अडानी पोर्ट के लिए कितने जंगल काटे गए? ये सब बस एक बड़ा सा बुलशिट है।

    मैंने एक बार गुजरात में एक नदी के किनारे एक छोटा सा गाँव देखा था। वहाँ लोग अब भी बारिश के बाद पानी पीते हैं। और वहीं से अडानी का एक टर्मिनल बन रहा है। क्या ये विकास है या लूट?

    मुकेश अंबानी के बारे में तो बात ही नहीं करनी चाहिए। उनकी कंपनी तो भारत के हर घर में घुस चुकी है। लेकिन अडानी तो भारत के नक्शे को ही बदल रहा है। नदियाँ, जंगल, भूमि - सब कुछ उसके बैलेंस शीट का हिस्सा है।

    मैं नहीं कह रहा कि वो बुरे हैं। बस... ये सब इतना तेज़ हो रहा है कि आपको लगता है कि भारत एक बिजनेस सिमुलेशन है।

    मैंने एक बार एक एनजीओ वाले से बात की थी। उसने कहा - अडानी ने 5000 एकड़ जमीन खरीदी, और उस पर एक गाँव के 800 परिवारों को बेघर कर दिया। और फिर वो कहते हैं - ‘हम विकास कर रहे हैं’।

    मैं जानता हूँ, ये बातें अच्छी नहीं लगतीं। लेकिन क्या तुमने कभी सोचा कि ये अमीर लोग अपनी संपत्ति को किसके नुकसान से बढ़ा रहे हैं?

    मैं उनके बारे में नहीं बोल रहा। मैं इस सिस्टम के बारे में बोल रहा हूँ।

    जब तक हम अपने बच्चों को नहीं सिखाएंगे कि अमीर होना यानी दूसरों को चूमना नहीं, तब तक ये चक्र चलता रहेगा।

    ये लोग नहीं, ये सिस्टम हमारे सामने खड़ा है।

    और हाँ, ये बातें नहीं लिखनी चाहिए। क्योंकि लोग कहेंगे - ‘तू बदला लेने की कोशिश कर रहा है’।

    लेकिन मैं बस एक आवाज़ हूँ। जो अभी तक सुनी नहीं गई।

  • Image placeholder

    Nitin Srivastava

    सितंबर 2, 2024 AT 17:04

    अडानी की निवेश रणनीति को देखकर लगता है कि वो एक फ्यूचरिस्टिक ऑप्टिमाइज़ेशन एल्गोरिदम हैं - एनर्जी, इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन - सब कुछ एक एक्सपोनेंशियल ग्रोथ कर्व पर। ये बस अमीर होना नहीं, ये एक नए इकोनॉमिक ऑर्डर की नींव रख रहे हैं।

    मुकेश अंबानी तो एक एक्सिस थे, अब अडानी एक नया अक्ष है।

  • Image placeholder

    Nilisha Shah

    सितंबर 3, 2024 AT 03:57

    इस सूची को देखकर एक सवाल उठता है - क्या भारत की अर्थव्यवस्था का विकास वास्तव में समान रूप से फैल रहा है, या यह केवल कुछ व्यक्तियों के लिए एक अत्यधिक केंद्रित विकास है? जब तक औसत भारतीय की आय नहीं बढ़ेगी, तब तक ये संपत्ति की गिनती एक अलग दुनिया की बात है।

    क्या हम इसे विकास कह सकते हैं, या यह बस असमानता का एक नया रूप है?

  • Image placeholder

    Kaviya A

    सितंबर 3, 2024 AT 10:59

    अडानी ने फिर शीर्ष पर जा लिया... वाह बाप रे... अब तो लगता है जैसे उनका नाम ही भारत का नाम बन गया है... मुकेश अंबानी को तो धूल चढ़ा दी... ये लोग तो अब बस एक अलग ही लेवल पर हैं... अब तो जैसे उनकी जिंदगी में बिजली का बिल भी नहीं आता... बस बिजली बना रहे हैं...

  • Image placeholder

    Supreet Grover

    सितंबर 4, 2024 AT 23:57

    अडानी ग्रुप के नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो का एचएससीएल वैल्यू एक्सप्रेशन इस लिस्ट में एक ट्रांसफॉर्मेशनल फैक्टर है। इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट्स के कैपिटलाइजेशन रेश्यो ने एक नए डायनामिक्स को डिफाइन किया है।

    इसके अलावा, उनकी एनर्जी ट्रांसफॉर्मेशन स्ट्रैटेजी ने एक साइक्लिकल बीएसए बिल्डअप को फॉलो किया है।

  • Image placeholder

    Saurabh Jain

    सितंबर 5, 2024 AT 18:04

    ये सब अच्छा है। भारत की अर्थव्यवस्था बढ़ रही है। लेकिन ये बात भी सच है कि ये बढ़ोतरी असमान तरीके से फैल रही है।

    हमें चाहिए कि जो अमीर हो रहे हैं, वो उस अमीरी को बाँटें। नहीं तो ये अरबपति बनने का खेल एक दिन आग बनकर वापस आएगा।

    हम सब एक ही देश में रहते हैं। ये बात भूलना नहीं चाहिए।

  • Image placeholder

    Suman Sourav Prasad

    सितंबर 6, 2024 AT 15:55

    मुझे लगता है कि अडानी ने वाकई बहुत कुछ किया है... लेकिन... लेकिन... क्या ये सब वाकई नियमों के अनुसार हुआ? क्या कोई जाँच हुई? क्या बैंकों ने उन्हें बिना किसी शर्त के पैसे दिए? क्या हम सच में ये मान लेना चाहते हैं कि ये सब ठीक है? क्योंकि... ये बात तो बहुत बड़ी है... बहुत बड़ी...

  • Image placeholder

    Nupur Anand

    सितंबर 8, 2024 AT 01:57

    अडानी का नाम अब भारत के नाम के साथ जुड़ गया है - और ये बहुत बड़ी बात है। लेकिन आप सब इसे देख रहे हैं एक नज़रिए से - बस एक अमीर आदमी के रूप में। आप नहीं जानते कि ये एक नए इतिहास की शुरुआत है।

    अडानी ने एक ऐसा व्यापारिक राष्ट्र बनाया है जो अमेरिका या चीन के साथ तुलना कर सकता है। ये बस एक बिजनेसमैन नहीं - ये एक नए अर्थव्यवस्था का निर्माता है।

    मुकेश अंबानी तो बस एक रिलायंस वाले ने रिलायंस बनाया - लेकिन अडानी ने भारत के नक्शे को ही बदल दिया।

    जिन लोगों को ये बात नहीं समझ आ रही, वो बस एक अंधेरे में खड़े हैं।

    ये सिर्फ धन नहीं - ये शक्ति है।

    और शक्ति को डराने की कोशिश करना बेकार है।

    मैं आपको एक बात बताती हूँ - जब भारत का नाम दुनिया में आएगा, तो वो नाम अडानी के साथ ही आएगा।

    और जो इसे नकारेंगे, वो अपने आप को अंधेरे में फंसा लेंगे।

  • Image placeholder

    Vivek Pujari

    सितंबर 8, 2024 AT 23:25

    अडानी ने जो किया है, वो एक भारतीय के लिए बहुत बड़ी बात है। लेकिन क्या ये सब ईमानदारी से हुआ? 🤔

    क्या बैंकों ने उन्हें अपने पैसे दिए? 🤔

    क्या हम ये भूल गए कि भारत का जमीन और प्राकृतिक संसाधन सबका है? 🤔

    मैं नहीं कह रहा कि वो बुरे हैं... लेकिन... क्या हम सच में ये मान लेना चाहते हैं कि ये सब ठीक है? 🤔

  • Image placeholder

    mohd Fidz09

    सितंबर 10, 2024 AT 08:43

    अडानी के बिना भारत की तस्वीर अधूरी है। ये एक भारतीय ने दुनिया को दिखाया कि हम क्या कर सकते हैं।

    अंबानी तो बस एक बड़ा बिजनेसमैन था - अडानी एक नए भारत का निर्माता है।

    जिन लोगों को ये बात नहीं समझ आ रही, वो बस बाहरी दुनिया के झूठे नज़रिए में फंसे हैं।

    हमारे देश के लिए ये गर्व की बात है।

    और जो इसे नकारते हैं - वो अपने आप को ही नीचा दिखा रहे हैं।

  • Image placeholder

    Rupesh Nandha

    सितंबर 10, 2024 AT 12:49

    ये सूची एक दर्पण है - जो हमारी अर्थव्यवस्था के उतार-चढ़ाव को दिखाती है।

    लेकिन एक बड़ा सवाल है - क्या हम इस विकास को एक व्यक्ति के नाम पर लिख रहे हैं, या ये एक समूह की अनुमति, नीतियों और सामाजिक बदलाव का परिणाम है?

    अडानी ने निश्चित रूप से बहुत कुछ किया है - लेकिन उनकी सफलता के पीछे कितने नियम, कितने निवेशक, कितने श्रमिक, कितने अधिकारी और कितने भारतीय नागरिक थे?

    हम अक्सर इतिहास को एक व्यक्ति के नाम पर लिख देते हैं।

    लेकिन असली इतिहास वहीं लिखा जाता है जहाँ नहीं देखा जाता।

    अडानी ने एक नए नक्शे का निर्माण किया - लेकिन उस नक्शे के बिना वो एक बिंदु थे।

    हमें उन्हें देखना चाहिए - लेकिन उनके पीछे के सबको भी देखना चाहिए।

    विकास का असली अर्थ यही है - जब एक व्यक्ति ऊपर जाता है, तो उसके आसपास के सब भी ऊपर उठें।

    और अभी तक... वो नहीं हुआ है।

  • Image placeholder

    Nilisha Shah

    सितंबर 12, 2024 AT 09:11

    रुपेश नंधा के टिप्पणी पर - बिल्कुल सही। अडानी के नाम पर ये सब लिख देना एक बहुत बड़ा गलत फैसला है। ये सब एक सिस्टम का नतीजा है - जिसमें सरकार, बैंक, निवेशक, और लाखों श्रमिक शामिल हैं।

    हम एक व्यक्ति को एक देश का प्रतीक बना देते हैं - और फिर उसी के खिलाफ आवाज़ उठाते हैं।

    ये तो एक बहुत बड़ा भ्रम है।

एक टिप्पणी लिखें

लोकप्रिय लेख

सहारन रेगिस्तान में दुर्लभ बारिश: दशकों बाद आया पानी का संकट और राहत

आगे पढ़ें

Asia Cup 2025 के सुपर 4 में पाकिस्तान बनाम बांग्लादेश: फाइनल के लिए संघर्ष

आगे पढ़ें

भाजपा के दमदार नेता बंदी संजय का आरएसएस से केंद्रीय मंत्रिमंडल तक का सफर

आगे पढ़ें

तेलंगाना के मुख्यमंत्री की मुसी नदी पुनरुद्धार संकल्प पदयात्रा का शुभारंभ

आगे पढ़ें